, by Makhdoom Ashraf Foundation, 1 min reading time
बा’ज़ उ़लमा ने फ़रमाया कि साअ़ते क़बूलिय्यत पौशीदा है जैसे जुमुआ़ की साअ़त, जबकि बा’ज़ उ़लमा फ़रमाते हैं कि येह रात का आख़िरी तिहाई ह़िस्सा है और बिल ख़ुसूस उस तिहाई का भी आख़िरी ह़िस्सा या’नी सारी रात का आख़िरी छटा ह़िस्सा जो सुबह़ स़ादिक़ से पहले मुत्तस़िल है। अल्लाह करीम वोह साअ़ते इजाबत नस़ीब फ़रमाये ! آمین بجاہ خاتم النبیین