
Hadith
, par Makhdoom Ashraf Foundation, 1 min temps de lecture

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तुम में बेहतर वोह है जो मेरे बा'द मेरे अहले ख़ाना के साथ बेहतर सुलूक करने वाला हो ।
एक और जगह इरशाद फ़रमाया: जो शख़्स औलादे अ़ब्दुल मुत़्त़लिब में से किसी के साथ अच्छा सुलूक करे और इस का सिला दुनिया में न पाये, तो मैं ब-नफ़्से नफ़ीस रोज़े क़ियामत इस का सिला अ़त़ा फ़रमाऊंगा (तारीख़े बग़दाद)
एक और रिवायत में फ़रमाया: जिसे पसन्द हो कि उसकी उ़म्र में बरकत हो, अल्लाह तआ़ला उसे अपनी दी हुई नेअ़्मत से बेहतर-मन्द करे तो उसे लाज़िम है कि मेरे बा'द मेरे अहले बैत से अच्छा सुलूक करे । जो ऐसा न करे, तो उस की उ़म्र की बरकत उड़ जाये और क़ियामत में मेरे सामने काला मुॅंह ले कर आये । (कंज़ुल उ़म्माल)